VedicSpace › पंचांग › वाराणसी › 2026-10-13
शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि, विशाखा नक्षत्र · मङ्गलवार · उत्तर प्रदेश (25.3176°, 82.9739°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कन्या (भाद्रपद)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना वाराणसी (25.3176°, 82.9739°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:55 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | शुक्ल पक्ष तृतीया | तक 11:28 PM | जया तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | मङ्गलवार | — | पराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित। |
| नक्षत्र | विशाखा · पाद 1 | तक 01:43 AM | मिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य। |
| योग | प्रीति | तक 08:23 PM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | तैतिल | तक 10:47 AM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 05:55 AM |
| सूर्यास्त | 05:33 PM |
| चन्द्रोदय | 08:19 AM |
| चन्द्रास्त | 06:59 PM |
| चन्द्र राशि | तुला |
| सूर्य राशि | कन्या |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · वर्षा |
| अभिजित मुहूर्त | 11:20 AM – 12:07 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:19 AM – 05:07 AM |
| अमृत काल | 04:08 PM – 05:51 PM |
| राहु काल | 02:38 PM – 04:05 PM |
| गुलिक काल | 11:44 AM – 01:11 PM |
| यमगण्ड | 08:49 AM – 10:16 AM |
| वर्ज्यम् | 05:46 AM – 07:30 AM |
| दुर्मुहूर्त | 10:34 AM – 11:20 AM |
| दुर्मुहूर्त | 01:40 PM – 02:26 PM |
| रोग | 05:55 AM – 07:22 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 07:22 AM – 08:49 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 08:49 AM – 10:16 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 10:16 AM – 11:44 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 11:44 AM – 01:11 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 01:11 PM – 02:38 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 02:38 PM – 04:05 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 04:05 PM – 05:33 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| काल | 05:33 PM – 07:05 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 07:05 PM – 08:38 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 08:38 PM – 10:11 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 10:11 PM – 11:44 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 11:44 PM – 01:16 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 01:16 AM – 02:49 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 02:49 AM – 04:22 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 04:22 AM – 05:55 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
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