VedicSpace › पंचांग › वाराणसी › 2026-10-14
शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि, अनुराधा नक्षत्र · बुधवार · उत्तर प्रदेश (25.3176°, 82.9739°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कन्या (भाद्रपद)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना वाराणसी (25.3176°, 82.9739°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:56 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | शुक्ल पक्ष चतुर्थी | तक 01:13 AM | रिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु। |
| वार | बुधवार | — | व्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा। |
| नक्षत्र | अनुराधा · पाद 1 | तक 04:03 AM | मृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख। |
| योग | आयुष्मान् | तक 08:39 PM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | वणिज | तक 12:17 PM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 05:56 AM |
| सूर्यास्त | 05:32 PM |
| चन्द्रोदय | 09:16 AM |
| चन्द्रास्त | 07:42 PM |
| चन्द्र राशि | वृश्चिक |
| सूर्य राशि | कन्या |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · वर्षा |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:20 AM – 05:08 AM |
| अमृत काल | 01:55 PM – 04:33 PM |
| राहु काल | 11:44 AM – 01:11 PM |
| गुलिक काल | 10:17 AM – 11:44 AM |
| यमगण्ड | 07:23 AM – 08:50 AM |
| वर्ज्यम् | 06:00 AM – 07:46 AM |
| अभिजित मुहूर्त | 11:20 AM – 12:07 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया। |
| दुर्मुहूर्त | 09:01 AM – 09:48 AM |
| लाभ | 05:56 AM – 07:23 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 07:23 AM – 08:50 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 08:50 AM – 10:17 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 10:17 AM – 11:44 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 11:44 AM – 01:11 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 01:11 PM – 02:38 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 02:38 PM – 04:05 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 04:05 PM – 05:32 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| उद्वेग | 05:32 PM – 07:05 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 07:05 PM – 08:38 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 08:38 PM – 10:11 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 10:11 PM – 11:44 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 11:44 PM – 01:17 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 01:17 AM – 02:50 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 02:50 AM – 04:23 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 04:23 AM – 05:56 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
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