VedicSpace › पंचांग › विशाखापत्तनम › 2026-08-01
कृष्ण पक्ष तृतीया तिथि, शतभिषा नक्षत्र · शनिवार · आंध्र प्रदेश (17.6868°, 83.2185°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कर्क (आषाढ़)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना विशाखापत्तनम (17.6868°, 83.2185°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:36 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष तृतीया | तक 11:07 PM | जया तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | शनिवार | — | श्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित। |
| नक्षत्र | शतभिषा · पाद 2 | तक 08:45 PM | चर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म। |
| योग | शोभन | तक 11:23 PM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | वणिज | तक 10:53 AM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 05:36 AM |
| सूर्यास्त | 06:31 PM |
| चन्द्रोदय | 08:26 PM |
| चन्द्रास्त | 07:39 AM |
| चन्द्र राशि | कुम्भ |
| सूर्य राशि | कर्क |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · ग्रीष्म |
| अभिजित मुहूर्त | 11:37 AM – 12:29 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:00 AM – 04:48 AM |
| अमृत काल | 12:47 PM – 02:28 PM |
| राहु काल | 08:49 AM – 10:26 AM |
| गुलिक काल | 05:36 AM – 07:12 AM |
| यमगण्ड | 01:40 PM – 03:17 PM |
| वर्ज्यम् | — |
| दुर्मुहूर्त | 09:02 AM – 09:54 AM |
| दुर्मुहूर्त | 02:12 PM – 03:04 PM |
| काल | 05:36 AM – 07:12 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 07:12 AM – 08:49 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 08:49 AM – 10:26 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 10:26 AM – 12:03 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 12:03 PM – 01:40 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 01:40 PM – 03:17 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 03:17 PM – 04:54 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 04:54 PM – 06:31 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| लाभ | 06:31 PM – 07:54 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 07:54 PM – 09:17 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 09:17 PM – 10:40 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 10:40 PM – 12:03 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 12:03 AM – 01:26 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 01:26 AM – 02:49 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 02:49 AM – 04:12 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 04:12 AM – 05:36 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
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