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VedicSpaceपंचांगविशाखापत्तनम › 2026-08-24

विशाखापत्तनम पंचांग — 24 अगस्त 2026

शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि, पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र · सोमवार · आंध्र प्रदेश (17.6868°, 83.2185°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना विशाखापत्तनम (17.6868°, 83.2185°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:41 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष द्वादशीतक 06:21 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्रपूर्वाषाढ़ा · पाद 2तक 08:28 PMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगप्रीतितक 07:04 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबवतक 05:22 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:41 AM
सूर्यास्त06:17 PM
चन्द्रोदय03:48 PM
चन्द्रास्त01:59 AM
चन्द्र राशिधनु
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:05 AM – 04:53 AM
अमृत काल02:49 PM – 04:36 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल07:15 AM – 08:50 AM
गुलिक काल01:33 PM – 03:08 PM
यमगण्ड10:24 AM – 11:59 AM
वर्ज्यम्04:09 AM – 05:56 AM
अभिजित मुहूर्त11:33 AM – 12:24 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त02:55 PM – 03:45 PM

दिन चौघड़िया

अमृत05:41 AM – 07:15 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:15 AM – 08:50 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:50 AM – 10:24 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:24 AM – 11:59 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:59 AM – 01:33 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:33 PM – 03:08 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:08 PM – 04:42 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:42 PM – 06:17 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर06:17 PM – 07:42 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:42 PM – 09:08 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:08 PM – 10:33 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:33 PM – 11:59 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:59 PM – 01:24 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:24 AM – 02:50 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:50 AM – 04:15 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:15 AM – 05:41 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle