VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगविशाखापत्तनम › 2026-08-31

विशाखापत्तनम पंचांग — 31 अगस्त 2026

कृष्ण पक्ष तृतीया तिथि, रेवती नक्षत्र · सोमवार · आंध्र प्रदेश (17.6868°, 83.2185°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना विशाखापत्तनम (17.6868°, 83.2185°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:43 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष तृतीयातक 08:51 AMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्ररेवती · पाद 1तक 03:24 AMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगगण्डतक 01:50 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणविष्टि (भद्रा)तक 08:51 AMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:43 AM
सूर्यास्त06:12 PM
चन्द्रोदय08:15 PM
चन्द्रास्त08:10 AM
चन्द्र राशिमीन
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:07 AM – 04:55 AM
अमृत काल12:45 AM – 02:19 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल07:16 AM – 08:50 AM
गुलिक काल01:31 PM – 03:04 PM
यमगण्ड10:23 AM – 11:57 AM
वर्ज्यम्03:18 PM – 04:52 PM
अभिजित मुहूर्त11:32 AM – 12:22 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त02:52 PM – 03:42 PM

दिन चौघड़िया

अमृत05:43 AM – 07:16 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:16 AM – 08:50 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:50 AM – 10:23 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:23 AM – 11:57 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:57 AM – 01:31 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:31 PM – 03:04 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:04 PM – 04:38 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:38 PM – 06:12 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर06:12 PM – 07:38 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:38 PM – 09:04 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:04 PM – 10:31 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:31 PM – 11:57 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:57 PM – 01:23 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:23 AM – 02:50 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:50 AM – 04:16 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:16 AM – 05:43 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle