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VedicSpaceपंचांगविशाखापत्तनम › 2026-08-30

विशाखापत्तनम पंचांग — 30 अगस्त 2026

कृष्ण पक्ष द्वितीया तिथि, उत्तराभाद्रपद नक्षत्र · रविवार · आंध्र प्रदेश (17.6868°, 83.2185°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना विशाखापत्तनम (17.6868°, 83.2185°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:43 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष द्वितीयातक 09:37 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रउत्तराभाद्रपद · पाद 1तक 03:45 AMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगशूलतक 03:46 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणगरतक 09:37 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:43 AM
सूर्यास्त06:13 PM
चन्द्रोदय07:37 PM
चन्द्रास्त07:17 AM
चन्द्र राशिमीन
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:33 AM – 12:23 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:07 AM – 04:55 AM
अमृत काल10:39 PM – 12:15 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:39 PM – 06:13 PM
गुलिक काल03:05 PM – 04:39 PM
यमगण्ड11:58 AM – 01:31 PM
वर्ज्यम्01:03 PM – 02:39 PM
दुर्मुहूर्त04:33 PM – 05:23 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग05:43 AM – 07:16 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:16 AM – 08:50 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:50 AM – 10:24 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:24 AM – 11:58 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:58 AM – 01:31 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:31 PM – 03:05 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:05 PM – 04:39 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:39 PM – 06:13 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ06:13 PM – 07:39 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:39 PM – 09:05 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:05 PM – 10:31 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:31 PM – 11:58 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:58 PM – 01:24 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:24 AM – 02:50 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:50 AM – 04:16 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:16 AM – 05:43 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle