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VedicSpaceपंचांगविशाखापत्तनम › 2027-09-16

विशाखापत्तनम पंचांग — 16 सितम्बर 2027

कृष्ण पक्ष प्रतिपदा तिथि, पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र · गुरुवार · आंध्र प्रदेश (17.6868°, 83.2185°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना विशाखापत्तनम (17.6868°, 83.2185°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:45 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष प्रतिपदातक 05:52 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रपूर्वाभाद्रपद · पाद 3तक 01:44 PMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगशूलतक 09:30 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणबालवतक 05:16 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:45 AM
सूर्यास्त05:59 PM
चन्द्रोदय06:09 PM
चन्द्रास्त05:46 AM
चन्द्र राशिकुम्भ
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:27 AM – 12:16 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:09 AM – 04:57 AM
अमृत काल04:48 AM – 06:32 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:23 PM – 02:55 PM
गुलिक काल08:48 AM – 10:20 AM
यमगण्ड05:45 AM – 07:16 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त01:05 PM – 01:54 PM
दुर्मुहूर्त04:21 PM – 05:10 PM

दिन चौघड़िया

शुभ05:45 AM – 07:16 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:16 AM – 08:48 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:48 AM – 10:20 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:20 AM – 11:52 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:52 AM – 01:23 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:23 PM – 02:55 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:55 PM – 04:27 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:27 PM – 05:59 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत05:59 PM – 07:27 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:27 PM – 08:55 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:55 PM – 10:23 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:23 PM – 11:52 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:52 PM – 01:20 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:20 AM – 02:48 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:48 AM – 04:16 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:16 AM – 05:45 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle