अश्विनी नक्षत्र — देवता, पाद, नक्षत्र स्वामी और त्याज्य
अश्विनी सत्ताईस नक्षत्रों में पहला है। इसके अधिष्ठातृ देवता Aśvinī Kumāras, विंशोत्तरी स्वामी Ketu, गण Dev, योनि Horse, नाड़ी Aadi, वर्ण Vaishya — प्रत्येक मान उसी इंजन से गणित जो कुण्डली बनाता है, और शास्त्र से उद्धृत।
एक दृष्टि में
| अधिष्ठातृ देवता | Aśvinī Kumāras |
| नक्षत्र स्वामी | Ketu |
| स्वभाव (मुहूर्त वर्ग) | Kshipra/Laghu (Swift/Light) |
| गण | Dev |
| योनि | Horse |
| नाड़ी | Aadi |
| वर्ण | Vaishya |
अश्विनी के चार पाद — नवांश और नाम-अक्षर
| पाद | आरम्भ | नाम-अक्षर | नवांश (D9) | नवांश स्वामी |
|---|---|---|---|---|
| Pāda 1 | 0°00′ | «Chu» | Aries | Mars |
| Pāda 2 | 3°20′ | «Che» | Taurus | Venus |
| Pāda 3 | 6°40′ | «Cho» | Gemini | Mercury |
| Pāda 4 | 10°00′ | «La» | Cancer | Moon |
विष घटी (त्याज्य)
अश्विनी का विष (त्याज्य) भाग नक्षत्र के आरम्भ से घटी 50–54 तक रहता है — यही दैनिक वर्ज्य काल का आधार है।
देवता बृहत् पाराशर होराशास्त्र अध्याय ६ से; गण/नाड़ी/वर्ण/योनि अष्टकूट तालिकाओं से; नाम-अक्षर नामकरण तालिका से; नवांश मानक पाराशरी विभाजन से; त्याज्य प्रश्न मार्ग से।