भरणी नक्षत्र — देवता, पाद, नक्षत्र स्वामी और त्याज्य
भरणी सत्ताईस नक्षत्रों में दूसरा है। इसके अधिष्ठातृ देवता Yama, विंशोत्तरी स्वामी Venus, गण Manushya, योनि Elephant, नाड़ी Madhya, वर्ण Mleccha — प्रत्येक मान उसी इंजन से गणित जो कुण्डली बनाता है, और शास्त्र से उद्धृत।
एक दृष्टि में
अधिष्ठातृ देवता
Yama
नक्षत्र स्वामी
Venus
स्वभाव (मुहूर्त वर्ग)
Ugra/Krura (Fierce/Cruel)
गण
Manushya
योनि
Elephant
नाड़ी
Madhya
वर्ण
Mleccha
भरणी के चार पाद — नवांश और नाम-अक्षर
पाद
आरम्भ
नाम-अक्षर
नवांश (D9)
नवांश स्वामी
Pāda 1
13°20′
«Lee»
Leo
Sun
Pāda 2
16°40′
«Loo»
Virgo
Mercury
Pāda 3
20°00′
«Le»
Libra
Venus
Pāda 4
23°20′
«Lo»
Scorpio
Mars
विष घटी (त्याज्य)
भरणी का विष (त्याज्य) भाग नक्षत्र के आरम्भ से घटी 24–28 तक रहता है — यही दैनिक वर्ज्य काल का आधार है।
देवता बृहत् पाराशर होराशास्त्र अध्याय ६ से; गण/नाड़ी/वर्ण/योनि अष्टकूट तालिकाओं से; नाम-अक्षर नामकरण तालिका से; नवांश मानक पाराशरी विभाजन से; त्याज्य प्रश्न मार्ग से।