कृत्तिका नक्षत्र — देवता, पाद, नक्षत्र स्वामी और त्याज्य
कृत्तिका सत्ताईस नक्षत्रों में तीसरा है। इसके अधिष्ठातृ देवता Agni, विंशोत्तरी स्वामी Sun, गण Rakshasa, योनि Sheep, नाड़ी Antya, वर्ण Brahmin — प्रत्येक मान उसी इंजन से गणित जो कुण्डली बनाता है, और शास्त्र से उद्धृत।
एक दृष्टि में
अधिष्ठातृ देवता
Agni
नक्षत्र स्वामी
Sun
स्वभाव (मुहूर्त वर्ग)
Mishra/Sadharana (Mixed)
गण
Rakshasa
योनि
Sheep
नाड़ी
Antya
वर्ण
Brahmin
कृत्तिका के चार पाद — नवांश और नाम-अक्षर
पाद
आरम्भ
नाम-अक्षर
नवांश (D9)
नवांश स्वामी
Pāda 1
26°40′
«A»
Sagittarius
Jupiter
Pāda 2
30°00′
«Ee»
Capricorn
Saturn
Pāda 3
33°20′
«U»
Aquarius
Saturn
Pāda 4
36°40′
«E»
Pisces
Jupiter
विष घटी (त्याज्य)
कृत्तिका का विष (त्याज्य) भाग नक्षत्र के आरम्भ से घटी 30–34 तक रहता है — यही दैनिक वर्ज्य काल का आधार है।
देवता बृहत् पाराशर होराशास्त्र अध्याय ६ से; गण/नाड़ी/वर्ण/योनि अष्टकूट तालिकाओं से; नाम-अक्षर नामकरण तालिका से; नवांश मानक पाराशरी विभाजन से; त्याज्य प्रश्न मार्ग से।