रोहिणी नक्षत्र — देवता, पाद, नक्षत्र स्वामी और त्याज्य
रोहिणी सत्ताईस नक्षत्रों में चौथा है। इसके अधिष्ठातृ देवता Brahmā, विंशोत्तरी स्वामी Moon, गण Manushya, योनि Serpent, नाड़ी Antya, वर्ण Shudra — प्रत्येक मान उसी इंजन से गणित जो कुण्डली बनाता है, और शास्त्र से उद्धृत।
एक दृष्टि में
अधिष्ठातृ देवता
Brahmā
नक्षत्र स्वामी
Moon
स्वभाव (मुहूर्त वर्ग)
Sthira (Dhruva/Fixed)
गण
Manushya
योनि
Serpent
नाड़ी
Antya
वर्ण
Shudra
रोहिणी के चार पाद — नवांश और नाम-अक्षर
पाद
आरम्भ
नाम-अक्षर
नवांश (D9)
नवांश स्वामी
Pāda 1
40°00′
«O»
Aries
Mars
Pāda 2
43°20′
«Vaa»
Taurus
Venus
Pāda 3
46°40′
«Vee»
Gemini
Mercury
Pāda 4
50°00′
«Vu»
Cancer
Moon
विष घटी (त्याज्य)
रोहिणी का विष (त्याज्य) भाग नक्षत्र के आरम्भ से घटी 40–44 तक रहता है — यही दैनिक वर्ज्य काल का आधार है।
देवता बृहत् पाराशर होराशास्त्र अध्याय ६ से; गण/नाड़ी/वर्ण/योनि अष्टकूट तालिकाओं से; नाम-अक्षर नामकरण तालिका से; नवांश मानक पाराशरी विभाजन से; त्याज्य प्रश्न मार्ग से।