मृगशिरा नक्षत्र — देवता, पाद, नक्षत्र स्वामी और त्याज्य

मृगशिरा सत्ताईस नक्षत्रों में पाँचवाँ है। इसके अधिष्ठातृ देवता Candra (Soma), विंशोत्तरी स्वामी Mars, गण Dev, योनि Serpent, नाड़ी Madhya, वर्ण Vaishya — प्रत्येक मान उसी इंजन से गणित जो कुण्डली बनाता है, और शास्त्र से उद्धृत।

एक दृष्टि में

अधिष्ठातृ देवताCandra (Soma)
नक्षत्र स्वामीMars
स्वभाव (मुहूर्त वर्ग)Mridu (Soft/Gentle)
गणDev
योनिSerpent
नाड़ीMadhya
वर्णVaishya

मृगशिरा के चार पाद — नवांश और नाम-अक्षर

पादआरम्भनाम-अक्षरनवांश (D9)नवांश स्वामी
Pāda 153°20′«Ve»LeoSun
Pāda 256°40′«Vo»VirgoMercury
Pāda 360°00′«Kaa»LibraVenus
Pāda 463°20′«Kee»ScorpioMars

विष घटी (त्याज्य)

मृगशिरा का विष (त्याज्य) भाग नक्षत्र के आरम्भ से घटी 14–18 तक रहता है — यही दैनिक वर्ज्य काल का आधार है।

देवता बृहत् पाराशर होराशास्त्र अध्याय ६ से; गण/नाड़ी/वर्ण/योनि अष्टकूट तालिकाओं से; नाम-अक्षर नामकरण तालिका से; नवांश मानक पाराशरी विभाजन से; त्याज्य प्रश्न मार्ग से।