श्रवण नक्षत्र — देवता, पाद, नक्षत्र स्वामी और त्याज्य
श्रवण सत्ताईस नक्षत्रों में बाईसवाँ है। इसके अधिष्ठातृ देवता Viṣṇu, विंशोत्तरी स्वामी Moon, गण Dev, योनि Monkey, नाड़ी Antya, वर्ण Mleccha — प्रत्येक मान उसी इंजन से गणित जो कुण्डली बनाता है, और शास्त्र से उद्धृत।
एक दृष्टि में
| अधिष्ठातृ देवता | Viṣṇu |
| नक्षत्र स्वामी | Moon |
| स्वभाव (मुहूर्त वर्ग) | Mridu (Soft/Gentle) |
| गण | Dev |
| योनि | Monkey |
| नाड़ी | Antya |
| वर्ण | Mleccha |
श्रवण के चार पाद — नवांश और नाम-अक्षर
| पाद | आरम्भ | नाम-अक्षर | नवांश (D9) | नवांश स्वामी |
|---|---|---|---|---|
| Pāda 1 | 280°00′ | «Khee» | Aries | Mars |
| Pāda 2 | 283°20′ | «Khoo» | Taurus | Venus |
| Pāda 3 | 286°40′ | «Khe» | Gemini | Mercury |
| Pāda 4 | 290°00′ | «Kho» | Cancer | Moon |
विष घटी (त्याज्य)
श्रवण का विष (त्याज्य) भाग नक्षत्र के आरम्भ से घटी 10–14 तक रहता है — यही दैनिक वर्ज्य काल का आधार है।
देवता बृहत् पाराशर होराशास्त्र अध्याय ६ से; गण/नाड़ी/वर्ण/योनि अष्टकूट तालिकाओं से; नाम-अक्षर नामकरण तालिका से; नवांश मानक पाराशरी विभाजन से; त्याज्य प्रश्न मार्ग से।