उत्तराषाढ़ा नक्षत्र — देवता, पाद, नक्षत्र स्वामी और त्याज्य
उत्तराषाढ़ा सत्ताईस नक्षत्रों में इक्कीसवाँ है। इसके अधिष्ठातृ देवता The Viśvedevas, विंशोत्तरी स्वामी Sun, गण Manushya, योनि Mongoose, नाड़ी Antya, वर्ण Kshatriya — प्रत्येक मान उसी इंजन से गणित जो कुण्डली बनाता है, और शास्त्र से उद्धृत।
एक दृष्टि में
| अधिष्ठातृ देवता | The Viśvedevas |
| नक्षत्र स्वामी | Sun |
| स्वभाव (मुहूर्त वर्ग) | Sthira (Dhruva/Fixed) |
| गण | Manushya |
| योनि | Mongoose |
| नाड़ी | Antya |
| वर्ण | Kshatriya |
उत्तराषाढ़ा के चार पाद — नवांश और नाम-अक्षर
| पाद | आरम्भ | नाम-अक्षर | नवांश (D9) | नवांश स्वामी |
|---|---|---|---|---|
| Pāda 1 | 266°40′ | «Bhe» | Sagittarius | Jupiter |
| Pāda 2 | 270°00′ | «Bho» | Capricorn | Saturn |
| Pāda 3 | 273°20′ | «Jaa» | Aquarius | Saturn |
| Pāda 4 | 276°40′ | «Jee» | Pisces | Jupiter |
विष घटी (त्याज्य)
उत्तराषाढ़ा का विष (त्याज्य) भाग नक्षत्र के आरम्भ से घटी 20–24 तक रहता है — यही दैनिक वर्ज्य काल का आधार है।
देवता बृहत् पाराशर होराशास्त्र अध्याय ६ से; गण/नाड़ी/वर्ण/योनि अष्टकूट तालिकाओं से; नाम-अक्षर नामकरण तालिका से; नवांश मानक पाराशरी विभाजन से; त्याज्य प्रश्न मार्ग से।