VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगअयोध्या › 2027-04-21

अयोध्या पंचांग — 21 अप्रैल 2027

कृष्ण पक्ष प्रतिपदा तिथि, स्वाती नक्षत्र · बुधवार · उत्तर प्रदेश (26.7922°, 82.1998°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मेष (चैत्र)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना अयोध्या (26.7922°, 82.1998°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:32 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष प्रतिपदातक 03:30 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रस्वाती · पाद 1तक 04:44 AMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगवज्रतक 04:10 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणबालवतक 03:40 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:32 AM
सूर्यास्त06:28 PM
चन्द्रोदय07:08 PM
चन्द्रास्त05:17 AM
चन्द्र राशितुला
सूर्य राशिमेष
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त03:56 AM – 04:44 AM
अमृत काल07:22 PM – 08:59 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल12:00 PM – 01:37 PM
गुलिक काल10:23 AM – 12:00 PM
यमगण्ड07:09 AM – 08:46 AM
वर्ज्यम्09:39 AM – 11:16 AM
अभिजित मुहूर्त11:34 AM – 12:25 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त08:58 AM – 09:50 AM

दिन चौघड़िया

लाभ05:32 AM – 07:09 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:09 AM – 08:46 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:46 AM – 10:23 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:23 AM – 12:00 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:00 PM – 01:37 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:37 PM – 03:14 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:14 PM – 04:51 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:51 PM – 06:28 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग06:28 PM – 07:51 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:51 PM – 09:14 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:14 PM – 10:37 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:37 PM – 12:00 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:00 AM – 01:23 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:23 AM – 02:46 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:46 AM – 04:09 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:09 AM – 05:32 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle