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VedicSpaceपंचांगअयोध्या › 2027-04-22

अयोध्या पंचांग — 22 अप्रैल 2027

कृष्ण पक्ष द्वितीया तिथि, विशाखा नक्षत्र · गुरुवार · उत्तर प्रदेश (26.7922°, 82.1998°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मेष (चैत्र)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना अयोध्या (26.7922°, 82.1998°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:31 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष द्वितीयातक 03:37 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रविशाखा · पाद 1तक 05:32 AMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगसिद्धितक 02:57 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणतैतिलतक 03:29 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:31 AM
सूर्यास्त06:29 PM
चन्द्रोदय08:09 PM
चन्द्रास्त05:56 AM
चन्द्र राशितुला
सूर्य राशिमेष
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:34 AM – 12:25 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:55 AM – 04:43 AM
अमृत काल07:57 PM – 09:36 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:37 PM – 03:14 PM
गुलिक काल08:45 AM – 10:22 AM
यमगण्ड05:31 AM – 07:08 AM
वर्ज्यम्10:01 AM – 11:41 AM
दुर्मुहूर्त01:17 PM – 02:09 PM
दुर्मुहूर्त04:45 PM – 05:37 PM

दिन चौघड़िया

शुभ05:31 AM – 07:08 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:08 AM – 08:45 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:45 AM – 10:22 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:22 AM – 12:00 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:00 PM – 01:37 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:37 PM – 03:14 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:14 PM – 04:51 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:51 PM – 06:29 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत06:29 PM – 07:51 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:51 PM – 09:14 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:14 PM – 10:37 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:37 PM – 12:00 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:00 AM – 01:22 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:22 AM – 02:45 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:45 AM – 04:08 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:08 AM – 05:31 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle