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VedicSpaceपंचांगअयोध्या › 2027-04-23

अयोध्या पंचांग — 23 अप्रैल 2027

कृष्ण पक्ष तृतीया तिथि, अनुराधा नक्षत्र · शुक्रवार · उत्तर प्रदेश (26.7922°, 82.1998°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मेष (चैत्र)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना अयोध्या (26.7922°, 82.1998°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:30 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष तृतीयातक 04:21 AMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रअनुराधा · पाद 1तक 06:57 AMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगव्यतीपाततक 02:13 PMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणवणिजतक 03:54 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:30 AM
सूर्यास्त06:29 PM
चन्द्रोदय09:09 PM
चन्द्रास्त06:38 AM
चन्द्र राशिवृश्चिक
सूर्य राशिमेष
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:33 AM – 12:25 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:54 AM – 04:42 AM
अमृत काल04:53 PM – 07:26 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:22 AM – 11:59 AM
गुलिक काल07:07 AM – 08:44 AM
यमगण्ड03:14 PM – 04:51 PM
वर्ज्यम्09:16 AM – 10:58 AM
दुर्मुहूर्त10:41 AM – 11:33 AM
दुर्मुहूर्त02:09 PM – 03:01 PM

दिन चौघड़िया

चर05:30 AM – 07:07 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:07 AM – 08:44 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:44 AM – 10:22 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:22 AM – 11:59 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:59 AM – 01:36 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:36 PM – 03:14 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:14 PM – 04:51 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:51 PM – 06:29 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग06:29 PM – 07:51 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:51 PM – 09:14 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:14 PM – 10:36 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:36 PM – 11:59 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:59 PM – 01:22 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:22 AM – 02:44 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:44 AM – 04:07 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:07 AM – 05:30 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle