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VedicSpaceपंचांगगुरुग्राम › 2026-07-29

गुरुग्राम पंचांग — 29 जुलाई 2026

शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तिथि, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र · बुधवार · हरियाणा (28.4595°, 77.0266°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना गुरुग्राम (28.4595°, 77.0266°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:42 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष पूर्णिमातक 08:05 PMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा · पाद 3तक 03:37 PMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगप्रीतितक 11:57 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणविष्टि (भद्रा)तक 07:15 AMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:42 AM
सूर्यास्त07:15 PM
चन्द्रोदय07:21 PM
चन्द्रास्त05:04 AM
चन्द्र राशिमकर
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:06 AM – 04:54 AM
अमृत काल08:18 AM – 10:03 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल12:28 PM – 02:10 PM
गुलिक काल10:46 AM – 12:28 PM
यमगण्ड07:23 AM – 09:05 AM
वर्ज्यम्
अभिजित मुहूर्त12:01 PM – 12:55 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त09:18 AM – 10:13 AM

दिन चौघड़िया

लाभ05:42 AM – 07:23 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:23 AM – 09:05 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:05 AM – 10:46 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:46 AM – 12:28 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:28 PM – 02:10 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:10 PM – 03:51 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:51 PM – 05:33 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:33 PM – 07:15 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग07:15 PM – 08:33 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:33 PM – 09:51 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:51 PM – 11:10 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:10 PM – 12:28 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:28 AM – 01:46 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:46 AM – 03:05 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:05 AM – 04:23 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:23 AM – 05:42 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle