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VedicSpaceपंचांगगुरुग्राम › 2026-07-31

गुरुग्राम पंचांग — 31 जुलाई 2026

कृष्ण पक्ष द्वितीया तिथि, धनिष्ठा नक्षत्र · शुक्रवार · हरियाणा (28.4595°, 77.0266°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना गुरुग्राम (28.4595°, 77.0266°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:43 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष द्वितीयातक 10:32 PMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रधनिष्ठा · पाद 2तक 07:27 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगसौभाग्यतक 11:54 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणतैतिलतक 10:04 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:43 AM
सूर्यास्त07:14 PM
चन्द्रोदय08:27 PM
चन्द्रास्त07:00 AM
चन्द्र राशिमकर
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:01 PM – 12:55 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:07 AM – 04:55 AM
अमृत काल08:03 AM – 09:46 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:47 AM – 12:28 PM
गुलिक काल07:24 AM – 09:05 AM
यमगण्ड03:51 PM – 05:32 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त11:07 AM – 12:01 PM
दुर्मुहूर्त02:43 PM – 03:37 PM

दिन चौघड़िया

चर05:43 AM – 07:24 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:24 AM – 09:05 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:05 AM – 10:47 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:47 AM – 12:28 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:28 PM – 02:09 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:09 PM – 03:51 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:51 PM – 05:32 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर05:32 PM – 07:14 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग07:14 PM – 08:32 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:32 PM – 09:51 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:51 PM – 11:09 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:09 PM – 12:28 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:28 AM – 01:47 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:47 AM – 03:05 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:05 AM – 04:24 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:24 AM – 05:43 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle