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VedicSpaceपंचांगगुरुग्राम › 2026-08-02

गुरुग्राम पंचांग — 2 अगस्त 2026

कृष्ण पक्ष चतुर्थी तिथि, पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र · रविवार · हरियाणा (28.4595°, 77.0266°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना गुरुग्राम (28.4595°, 77.0266°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:44 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष चतुर्थीतक 11:15 PMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रपूर्वाभाद्रपद · पाद 2तक 09:37 PMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगअतिगण्डतक 10:29 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणबवतक 11:15 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:44 AM
सूर्यास्त07:12 PM
चन्द्रोदय09:25 PM
चन्द्रास्त08:53 AM
चन्द्र राशिकुम्भ
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:01 PM – 12:54 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:08 AM – 04:56 AM
अमृत काल01:05 PM – 02:44 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल05:31 PM – 07:12 PM
गुलिक काल03:50 PM – 05:31 PM
यमगण्ड12:28 PM – 02:09 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त05:24 PM – 06:18 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग05:44 AM – 07:25 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:25 AM – 09:06 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:06 AM – 10:47 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:47 AM – 12:28 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:28 PM – 02:09 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:09 PM – 03:50 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:50 PM – 05:31 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:31 PM – 07:12 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ07:12 PM – 08:31 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:31 PM – 09:50 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:50 PM – 11:09 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:09 PM – 12:28 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:28 AM – 01:47 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:47 AM – 03:06 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:06 AM – 04:25 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:25 AM – 05:44 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle