VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगगुरुग्राम › 2026-10-30

गुरुग्राम पंचांग — 30 अक्टूबर 2026

कृष्ण पक्ष पञ्चमी तिथि, मृगशिरा नक्षत्र · शुक्रवार · हरियाणा (28.4595°, 77.0266°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना गुरुग्राम (28.4595°, 77.0266°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:32 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष पञ्चमीतक 07:25 PMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रमृगशिरा · पाद 4तक 09:04 AMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगशिवतक 08:41 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणकौलवतक 08:46 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:32 AM
सूर्यास्त05:39 PM
चन्द्रोदय09:25 PM
चन्द्रास्त10:57 AM
चन्द्र राशिमिथुन
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:43 AM – 12:27 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:56 AM – 05:44 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:42 AM – 12:05 PM
गुलिक काल07:55 AM – 09:18 AM
यमगण्ड02:52 PM – 04:15 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त10:58 AM – 11:43 AM
दुर्मुहूर्त01:56 PM – 02:41 PM

दिन चौघड़िया

चर06:32 AM – 07:55 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:55 AM – 09:18 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:18 AM – 10:42 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:42 AM – 12:05 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:05 PM – 01:28 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:28 PM – 02:52 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:52 PM – 04:15 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:15 PM – 05:39 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग05:39 PM – 07:15 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:15 PM – 08:52 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:52 PM – 10:28 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:28 PM – 12:05 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:05 AM – 01:42 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:42 AM – 03:18 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:18 AM – 04:55 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:55 AM – 06:32 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle