VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगगुरुग्राम › 2026-10-31

गुरुग्राम पंचांग — 31 अक्टूबर 2026

कृष्ण पक्ष षष्ठी तिथि, आर्द्रा नक्षत्र · शनिवार · हरियाणा (28.4595°, 77.0266°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना गुरुग्राम (28.4595°, 77.0266°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:33 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष षष्ठीतक 04:57 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रआर्द्रा · पाद 4तक 07:12 AMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगसिद्धतक 05:31 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणगरतक 06:09 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:33 AM
सूर्यास्त05:38 PM
चन्द्रोदय10:34 PM
चन्द्रास्त11:54 AM
चन्द्र राशिमिथुन
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:43 AM – 12:27 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:57 AM – 05:45 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल09:19 AM – 10:42 AM
गुलिक काल06:33 AM – 07:56 AM
यमगण्ड01:28 PM – 02:51 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त09:30 AM – 10:14 AM
दुर्मुहूर्त01:56 PM – 02:40 PM

दिन चौघड़िया

काल06:33 AM – 07:56 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:56 AM – 09:19 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:19 AM – 10:42 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:42 AM – 12:05 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:05 PM – 01:28 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:28 PM – 02:51 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:51 PM – 04:14 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:14 PM – 05:38 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ05:38 PM – 07:14 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:14 PM – 08:51 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:51 PM – 10:28 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:28 PM – 12:05 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:05 AM – 01:42 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:42 AM – 03:19 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:19 AM – 04:56 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:56 AM – 06:33 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle