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VedicSpaceपंचांगगुरुग्राम › 2027-06-01

गुरुग्राम पंचांग — 1 जून 2027

कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि, रेवती नक्षत्र · मङ्गलवार · हरियाणा (28.4595°, 77.0266°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949वृषभ (वैशाख)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना गुरुग्राम (28.4595°, 77.0266°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:25 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष एकादशीतक 09:40 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्ररेवती · पाद 3तक 12:50 PMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगसौभाग्यतक 12:22 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबालवतक 09:40 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:25 AM
सूर्यास्त07:15 PM
चन्द्रोदय02:26 AM
चन्द्रास्त03:39 PM
चन्द्र राशिमीन
सूर्य राशिवृषभ
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:52 AM – 12:47 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:49 AM – 04:37 AM
अमृत काल09:51 AM – 11:27 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल03:47 PM – 05:31 PM
गुलिक काल12:20 PM – 02:03 PM
यमगण्ड08:52 AM – 10:36 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त10:57 AM – 11:52 AM
दुर्मुहूर्त02:38 PM – 03:33 PM

दिन चौघड़िया

रोग05:25 AM – 07:08 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:08 AM – 08:52 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:52 AM – 10:36 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:36 AM – 12:20 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:20 PM – 02:03 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:03 PM – 03:47 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:47 PM – 05:31 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:31 PM – 07:15 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल07:15 PM – 08:31 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:31 PM – 09:47 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:47 PM – 11:03 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:03 PM – 12:20 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:20 AM – 01:36 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:36 AM – 02:52 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:52 AM – 04:08 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:08 AM – 05:25 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle