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VedicSpaceपंचांगगुरुग्राम › 2027-06-03

गुरुग्राम पंचांग — 3 जून 2027

कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि, भरणी नक्षत्र · गुरुवार · हरियाणा (28.4595°, 77.0266°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949वृषभ (वैशाख)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना गुरुग्राम (28.4595°, 77.0266°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:24 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष त्रयोदशीतक 06:35 AMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रभरणी · पाद 4तक 11:02 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगअतिगण्डतक 07:05 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणवणिजतक 06:35 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:24 AM
सूर्यास्त07:16 PM
चन्द्रोदय03:43 AM
चन्द्रास्त05:51 PM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशिवृषभ
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:52 AM – 12:47 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:48 AM – 04:36 AM
अमृत काल05:56 AM – 07:26 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:04 PM – 03:48 PM
गुलिक काल08:52 AM – 10:36 AM
यमगण्ड05:24 AM – 07:08 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त01:43 PM – 02:38 PM
दुर्मुहूर्त05:25 PM – 06:20 PM

दिन चौघड़िया

शुभ05:24 AM – 07:08 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:08 AM – 08:52 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:52 AM – 10:36 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:36 AM – 12:20 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:20 PM – 02:04 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:04 PM – 03:48 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:48 PM – 05:32 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:32 PM – 07:16 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत07:16 PM – 08:32 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:32 PM – 09:48 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:48 PM – 11:04 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:04 PM – 12:20 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:20 AM – 01:36 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:36 AM – 02:52 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:52 AM – 04:08 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:08 AM – 05:24 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle