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VedicSpaceपंचांगकोलकाता › 2026-12-19

कोलकाता पंचांग — 19 दिसम्बर 2026

शुक्ल पक्ष दशमी तिथि, रेवती नक्षत्र · शनिवार · पश्चिम बंगाल (22.5726°, 88.3639°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948धनु (मार्गशीर्ष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना कोलकाता (22.5726°, 88.3639°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:11 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष दशमीतक 10:09 PMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्ररेवती · पाद 3तक 03:58 PMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगवरीयान्तक 10:35 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणतैतिलतक 10:48 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:11 AM
सूर्यास्त04:56 PM
चन्द्रोदय12:44 PM
चन्द्रास्त12:51 AM
चन्द्र राशिमीन
सूर्य राशिधनु
अयन · ऋतुदक्षिणायन · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:12 AM – 11:55 AM
ब्रह्म मुहूर्त04:35 AM – 05:23 AM
अमृत काल01:47 PM – 03:22 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल08:52 AM – 10:12 AM
गुलिक काल06:11 AM – 07:31 AM
यमगण्ड12:54 PM – 02:14 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त09:03 AM – 09:46 AM
दुर्मुहूर्त01:21 PM – 02:04 PM

दिन चौघड़िया

काल06:11 AM – 07:31 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:31 AM – 08:52 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:52 AM – 10:12 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:12 AM – 11:33 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:33 AM – 12:54 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:54 PM – 02:14 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:14 PM – 03:35 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:35 PM – 04:56 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ04:56 PM – 06:35 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत06:35 PM – 08:14 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:14 PM – 09:54 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:54 PM – 11:33 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:33 PM – 01:12 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:12 AM – 02:52 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:52 AM – 04:31 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:31 AM – 06:11 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle