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VedicSpaceपंचांगकोलकाता › 2026-12-20

कोलकाता पंचांग — 20 दिसम्बर 2026

शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि, अश्विनी नक्षत्र · रविवार · पश्चिम बंगाल (22.5726°, 88.3639°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948धनु (मार्गशीर्ष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना कोलकाता (22.5726°, 88.3639°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:11 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष एकादशीतक 08:15 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रअश्विनी · पाद 3तक 02:55 PMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगपरिघतक 08:10 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणवणिजतक 09:18 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:11 AM
सूर्यास्त04:57 PM
चन्द्रोदय01:24 PM
चन्द्रास्त01:50 AM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशिधनु
अयन · ऋतुदक्षिणायन · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:12 AM – 11:55 AM
ब्रह्म मुहूर्त04:35 AM – 05:23 AM
अमृत काल08:18 AM – 09:48 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल03:36 PM – 04:57 PM
गुलिक काल02:15 PM – 03:36 PM
यमगण्ड11:34 AM – 12:54 PM
वर्ज्यम्11:19 AM – 12:50 PM
दुर्मुहूर्त03:30 PM – 04:13 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग06:11 AM – 07:31 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:31 AM – 08:52 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:52 AM – 10:13 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:13 AM – 11:34 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:34 AM – 12:54 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:54 PM – 02:15 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:15 PM – 03:36 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:36 PM – 04:57 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ04:57 PM – 06:36 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग06:36 PM – 08:15 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:15 PM – 09:54 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:54 PM – 11:34 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:34 PM – 01:13 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:13 AM – 02:52 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:52 AM – 04:31 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:31 AM – 06:11 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle