VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगकोलकाता › 2026-12-21

कोलकाता पंचांग — 21 दिसम्बर 2026

शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि, भरणी नक्षत्र · सोमवार · पश्चिम बंगाल (22.5726°, 88.3639°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948धनु (मार्गशीर्ष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना कोलकाता (22.5726°, 88.3639°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:12 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष द्वादशीतक 05:36 PMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्रभरणी · पाद 3तक 01:09 PMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगसिद्धतक 01:32 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबवतक 07:00 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:12 AM
सूर्यास्त04:57 PM
चन्द्रोदय02:11 PM
चन्द्रास्त02:53 AM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशिधनु
अयन · ऋतुदक्षिणायन · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:36 AM – 05:24 AM
अमृत काल08:57 AM – 10:25 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल07:32 AM – 08:53 AM
गुलिक काल12:55 PM – 02:15 PM
यमगण्ड10:13 AM – 11:34 AM
वर्ज्यम्
अभिजित मुहूर्त11:13 AM – 11:56 AM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त02:05 PM – 02:48 PM

दिन चौघड़िया

अमृत06:12 AM – 07:32 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:32 AM – 08:53 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:53 AM – 10:13 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:13 AM – 11:34 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:34 AM – 12:55 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:55 PM – 02:15 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:15 PM – 03:36 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:36 PM – 04:57 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर04:57 PM – 06:36 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ06:36 PM – 08:15 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:15 PM – 09:55 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:55 PM – 11:34 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:34 PM – 01:13 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:13 AM – 02:53 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:53 AM – 04:32 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:32 AM – 06:12 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle