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VedicSpaceपंचांगलंदन › 2025-12-29

लंदन पंचांग — 29 दिसम्बर 2025

शुक्ल पक्ष दशमी तिथि, अश्विनी नक्षत्र · सोमवार · इंग्लैंड (51.5074°, -0.1278°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2082 (कालयुक्ति)शक संवत् 1947धनु (मार्गशीर्ष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लंदन (51.5074°, -0.1278°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 08:06 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष दशमीतक 02:21 AMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्रअश्विनी · पाद 1तक 12:34 AMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगशिवतक 11:01 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणतैतिलतक 03:36 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय08:06 AM
सूर्यास्त04:00 PM
चन्द्रोदय12:02 PM
चन्द्रास्त01:51 AM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशिधनु
अयन · ऋतुदक्षिणायन · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त06:30 AM – 07:18 AM
अमृत काल07:58 PM – 09:27 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल09:05 AM – 10:04 AM
गुलिक काल01:02 PM – 02:01 PM
यमगण्ड11:03 AM – 12:03 PM
वर्ज्यम्10:57 PM – 12:26 AM
अभिजित मुहूर्त11:47 AM – 12:18 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त01:53 PM – 02:25 PM

दिन चौघड़िया

अमृत08:06 AM – 09:05 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:05 AM – 10:04 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:04 AM – 11:03 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:03 AM – 12:03 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:03 PM – 01:02 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:02 PM – 02:01 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:01 PM – 03:00 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:00 PM – 04:00 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर04:00 PM – 06:00 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ06:00 PM – 08:01 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:01 PM – 10:02 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:02 PM – 12:03 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:03 AM – 02:03 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:03 AM – 04:04 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:04 AM – 06:05 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर06:05 AM – 08:06 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle