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VedicSpaceपंचांगलंदन › 2025-12-31

लंदन पंचांग — 31 दिसम्बर 2025

शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि, कृत्तिका नक्षत्र · बुधवार · इंग्लैंड (51.5074°, -0.1278°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2082 (कालयुक्ति)शक संवत् 1947धनु (मार्गशीर्ष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लंदन (51.5074°, -0.1278°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 08:06 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष द्वादशीतक 08:18 PMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रकृत्तिका · पाद 2तक 08:00 PMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगसाध्यतक 03:43 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबवतक 09:57 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय08:06 AM
सूर्यास्त04:02 PM
चन्द्रोदय12:51 PM
चन्द्रास्त04:51 AM
चन्द्र राशिवृषभ
सूर्य राशिधनु
अयन · ऋतुदक्षिणायन · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त06:30 AM – 07:18 AM
अमृत काल07:57 PM – 09:23 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल12:04 PM – 01:03 PM
गुलिक काल11:04 AM – 12:04 PM
यमगण्ड09:05 AM – 10:05 AM
वर्ज्यम्11:21 AM – 12:47 PM
अभिजित मुहूर्त11:48 AM – 12:19 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त10:12 AM – 10:44 AM

दिन चौघड़िया

लाभ08:06 AM – 09:05 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:05 AM – 10:05 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:05 AM – 11:04 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:04 AM – 12:04 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:04 PM – 01:03 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:03 PM – 02:03 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:03 PM – 03:02 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:02 PM – 04:02 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग04:02 PM – 06:02 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर06:02 PM – 08:03 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:03 PM – 10:03 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:03 PM – 12:04 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:04 AM – 02:04 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:04 AM – 04:05 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:05 AM – 06:05 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग06:05 AM – 08:06 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle