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VedicSpaceपंचांगलंदन › 2025-12-30

लंदन पंचांग — 30 दिसम्बर 2025

शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि, भरणी नक्षत्र · मङ्गलवार · इंग्लैंड (51.5074°, -0.1278°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2082 (कालयुक्ति)शक संवत् 1947धनु (मार्गशीर्ष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लंदन (51.5074°, -0.1278°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 08:06 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष एकादशीतक 11:31 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रभरणी · पाद 1तक 10:28 PMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगसिद्धतक 07:32 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणवणिजतक 12:59 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय08:06 AM
सूर्यास्त04:01 PM
चन्द्रोदय12:22 PM
चन्द्रास्त03:20 AM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशिधनु
अयन · ऋतुदक्षिणायन · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:47 AM – 12:19 PM
ब्रह्म मुहूर्त06:30 AM – 07:18 AM
अमृत काल08:12 PM – 09:39 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:02 PM – 03:01 PM
गुलिक काल12:03 PM – 01:02 PM
यमगण्ड10:04 AM – 11:04 AM
वर्ज्यम्11:28 AM – 12:55 PM
दुर्मुहूर्त11:16 AM – 11:47 AM
दुर्मुहूर्त01:22 PM – 01:54 PM

दिन चौघड़िया

रोग08:06 AM – 09:05 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:05 AM – 10:04 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:04 AM – 11:04 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:04 AM – 12:03 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:03 PM – 01:02 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:02 PM – 02:02 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:02 PM – 03:01 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:01 PM – 04:01 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल04:01 PM – 06:01 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ06:01 PM – 08:02 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:02 PM – 10:02 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:02 PM – 12:03 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:03 AM – 02:04 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:04 AM – 04:04 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:04 AM – 06:05 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल06:05 AM – 08:06 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle