VedicSpace › पंचांग › लंदन › 2026-10-12
शुक्ल पक्ष द्वितीया तिथि, स्वाती नक्षत्र · सोमवार · इंग्लैंड (51.5074°, -0.1278°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कन्या (भाद्रपद)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लंदन (51.5074°, -0.1278°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:19 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | शुक्ल पक्ष द्वितीया | तक 05:43 PM | भद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक। |
| वार | सोमवार | — | यात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म। |
| नक्षत्र | स्वाती · पाद 2 | तक 07:22 PM | चर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म। |
| योग | विष्कुम्भ | तक 04:02 PM | अशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित। |
| करण | कौलव | तक 05:43 PM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 07:19 AM |
| सूर्यास्त | 06:14 PM |
| चन्द्रोदय | 09:48 AM |
| चन्द्रास्त | 06:14 PM |
| चन्द्र राशि | तुला |
| सूर्य राशि | कन्या |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · वर्षा |
| ब्रह्म मुहूर्त | 05:43 AM – 06:31 AM |
| अमृत काल | 11:21 AM – 01:03 PM |
| राहु काल | 08:40 AM – 10:02 AM |
| गुलिक काल | 02:08 PM – 03:30 PM |
| यमगण्ड | 11:24 AM – 12:46 PM |
| वर्ज्यम् | — |
| अभिजित मुहूर्त | 12:24 PM – 01:08 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया। |
| दुर्मुहूर्त | 03:19 PM – 04:03 PM |
| अमृत | 07:19 AM – 08:40 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 08:40 AM – 10:02 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 10:02 AM – 11:24 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 11:24 AM – 12:46 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 12:46 PM – 02:08 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 02:08 PM – 03:30 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 03:30 PM – 04:52 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 04:52 PM – 06:14 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| चर | 06:14 PM – 07:52 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 07:52 PM – 09:30 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 09:30 PM – 11:08 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 11:08 PM – 12:46 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 12:46 AM – 02:24 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 02:24 AM – 04:02 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 04:02 AM – 05:40 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 05:40 AM – 07:19 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
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