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VedicSpaceपंचांगलंदन › 2026-10-11

लंदन पंचांग — 11 अक्टूबर 2026

शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि, चित्रा नक्षत्र · रविवार · इंग्लैंड (51.5074°, -0.1278°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कन्या (भाद्रपद)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लंदन (51.5074°, -0.1278°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:17 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष प्रतिपदातक 05:01 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रचित्रा · पाद 3तक 06:02 PMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगवैधृतितक 04:35 PMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणबवतक 05:01 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:17 AM
सूर्यास्त06:16 PM
चन्द्रोदय08:30 AM
चन्द्रास्त05:56 PM
चन्द्र राशितुला
सूर्य राशिकन्या
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:24 PM – 01:08 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:41 AM – 06:29 AM
अमृत काल12:40 PM – 02:20 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:53 PM – 06:16 PM
गुलिक काल03:31 PM – 04:53 PM
यमगण्ड12:46 PM – 02:08 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त04:48 PM – 05:32 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग07:17 AM – 08:39 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:39 AM – 10:01 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:01 AM – 11:24 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:24 AM – 12:46 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:46 PM – 02:08 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:08 PM – 03:31 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:31 PM – 04:53 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:53 PM – 06:16 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ06:16 PM – 07:53 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:53 PM – 09:31 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:31 PM – 11:08 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:08 PM – 12:46 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:46 AM – 02:24 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:24 AM – 04:01 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:01 AM – 05:39 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:39 AM – 07:17 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle