VedicSpace › पंचांग › लंदन › 2026-10-13
शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि, विशाखा नक्षत्र · मङ्गलवार · इंग्लैंड (51.5074°, -0.1278°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कन्या (भाद्रपद)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लंदन (51.5074°, -0.1278°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:21 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | शुक्ल पक्ष तृतीया | तक 06:58 PM | जया तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | मङ्गलवार | — | पराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित। |
| नक्षत्र | विशाखा · पाद 2 | तक 09:13 PM | मिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य। |
| योग | प्रीति | तक 03:53 PM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | तैतिल | तक 06:17 AM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 07:21 AM |
| सूर्यास्त | 06:12 PM |
| चन्द्रोदय | 11:05 AM |
| चन्द्रास्त | 06:36 PM |
| चन्द्र राशि | तुला |
| सूर्य राशि | कन्या |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · वर्षा |
| अभिजित मुहूर्त | 12:24 PM – 01:08 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 05:45 AM – 06:33 AM |
| अमृत काल | 01:03 PM – 02:47 PM |
| राहु काल | 03:29 PM – 04:50 PM |
| गुलिक काल | 12:46 PM – 02:07 PM |
| यमगण्ड | 10:03 AM – 11:25 AM |
| वर्ज्यम् | — |
| दुर्मुहूर्त | 11:41 AM – 12:24 PM |
| दुर्मुहूर्त | 02:35 PM – 03:18 PM |
| रोग | 07:21 AM – 08:42 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 08:42 AM – 10:03 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 10:03 AM – 11:25 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 11:25 AM – 12:46 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 12:46 PM – 02:07 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 02:07 PM – 03:29 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 03:29 PM – 04:50 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 04:50 PM – 06:12 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| काल | 06:12 PM – 07:50 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 07:50 PM – 09:29 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 09:29 PM – 11:07 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 11:07 PM – 12:46 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 12:46 AM – 02:25 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 02:25 AM – 04:03 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 04:03 AM – 05:42 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 05:42 AM – 07:21 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
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