VedicSpace › पंचांग › लंदन › 2026-10-28
कृष्ण पक्ष तृतीया तिथि, कृत्तिका नक्षत्र · बुधवार · इंग्लैंड (51.5074°, -0.1278°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लंदन (51.5074°, -0.1278°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:47 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष तृतीया | तक 07:37 PM | जया तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | बुधवार | — | व्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा। |
| नक्षत्र | कृत्तिका · पाद 4 | तक 07:56 AM | मिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य। |
| योग | वरीयान् | तक 10:10 PM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | वणिज | तक 09:07 AM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 06:47 AM |
| सूर्यास्त | 04:41 PM |
| चन्द्रोदय | 05:34 PM |
| चन्द्रास्त | 10:08 AM |
| चन्द्र राशि | वृषभ |
| सूर्य राशि | तुला |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · शरद् |
| ब्रह्म मुहूर्त | 05:11 AM – 05:59 AM |
| अमृत काल | 06:32 AM – 07:59 AM |
| राहु काल | 11:44 AM – 12:58 PM |
| गुलिक काल | 10:29 AM – 11:44 AM |
| यमगण्ड | 08:01 AM – 09:15 AM |
| वर्ज्यम् | — |
| अभिजित मुहूर्त | 11:24 AM – 12:03 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया। |
| दुर्मुहूर्त | 09:25 AM – 10:05 AM |
| लाभ | 06:47 AM – 08:01 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 08:01 AM – 09:15 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 09:15 AM – 10:29 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 10:29 AM – 11:44 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 11:44 AM – 12:58 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 12:58 PM – 02:12 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 02:12 PM – 03:26 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 03:26 PM – 04:41 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| उद्वेग | 04:41 PM – 06:26 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 06:26 PM – 08:12 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 08:12 PM – 09:58 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 09:58 PM – 11:44 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 11:44 PM – 01:29 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 01:29 AM – 03:15 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 03:15 AM – 05:01 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 05:01 AM – 06:47 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
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