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VedicSpaceपंचांगलंदन › 2026-10-30

लंदन पंचांग — 30 अक्टूबर 2026

कृष्ण पक्ष पञ्चमी तिथि, आर्द्रा नक्षत्र · शुक्रवार · इंग्लैंड (51.5074°, -0.1278°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लंदन (51.5074°, -0.1278°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:50 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष पञ्चमीतक 01:55 PMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रआर्द्रा · पाद 1तक 01:42 AMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगशिवतक 03:11 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणतैतिलतक 01:55 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:50 AM
सूर्यास्त04:38 PM
चन्द्रोदय07:44 PM
चन्द्रास्त12:25 PM
चन्द्र राशिमिथुन
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:24 AM – 12:03 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:14 AM – 06:02 AM
अमृत काल05:18 PM – 06:47 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:30 AM – 11:44 AM
गुलिक काल08:03 AM – 09:17 AM
यमगण्ड02:11 PM – 03:24 PM
वर्ज्यम्08:27 AM – 09:55 AM
दुर्मुहूर्त10:45 AM – 11:24 AM
दुर्मुहूर्त01:22 PM – 02:01 PM

दिन चौघड़िया

चर06:50 AM – 08:03 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:03 AM – 09:17 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:17 AM – 10:30 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:30 AM – 11:44 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:44 AM – 12:57 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:57 PM – 02:11 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:11 PM – 03:24 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:24 PM – 04:38 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग04:38 PM – 06:24 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग06:24 PM – 08:11 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:11 PM – 09:57 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:57 PM – 11:44 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:44 PM – 01:30 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:30 AM – 03:17 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:17 AM – 05:03 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:03 AM – 06:50 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle