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VedicSpaceपंचांगलंदन › 2026-11-01

लंदन पंचांग — 1 नवम्बर 2026

कृष्ण पक्ष सप्तमी तिथि, पुष्य नक्षत्र · रविवार · इंग्लैंड (51.5074°, -0.1278°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लंदन (51.5074°, -0.1278°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:54 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष सप्तमीतक 09:22 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रपुष्य · पाद 2तक 11:00 PMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगसाध्यतक 09:09 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबवतक 09:22 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:54 AM
सूर्यास्त04:34 PM
चन्द्रोदय10:35 PM
चन्द्रास्त01:36 PM
चन्द्र राशिकर्क
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:24 AM – 12:03 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:18 AM – 06:06 AM
अमृत काल05:48 PM – 07:20 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल03:21 PM – 04:34 PM
गुलिक काल02:09 PM – 03:21 PM
यमगण्ड11:44 AM – 12:56 PM
वर्ज्यम्08:38 AM – 10:10 AM
दुर्मुहूर्त03:16 PM – 03:55 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग06:54 AM – 08:06 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:06 AM – 09:19 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:19 AM – 10:31 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:31 AM – 11:44 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:44 AM – 12:56 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:56 PM – 02:09 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:09 PM – 03:21 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:21 PM – 04:34 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ04:34 PM – 06:21 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग06:21 PM – 08:09 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:09 PM – 09:56 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:56 PM – 11:44 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:44 PM – 01:31 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:31 AM – 03:19 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:19 AM – 05:06 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:06 AM – 06:54 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle