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VedicSpaceपंचांगसिंगापुर › 2026-06-18

सिंगापुर पंचांग — 18 जून 2026

शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि, पुष्य नक्षत्र · गुरुवार · (1.3521°, 103.8198°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मिथुन (ज्येष्ठ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना सिंगापुर (1.3521°, 103.8198°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:00 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष चतुर्थीतक 09:29 PMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रपुष्य · पाद 3तक 02:02 PMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगव्याघाततक 08:05 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणवणिजतक 10:44 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:00 AM
सूर्यास्त07:12 PM
चन्द्रोदय10:08 AM
चन्द्रास्त10:30 PM
चन्द्र राशिकर्क
सूर्य राशिमिथुन
अयन · ऋतुउत्तरायण · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:41 PM – 01:30 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:24 AM – 06:12 AM
अमृत काल09:08 AM – 10:37 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:37 PM – 04:09 PM
गुलिक काल10:03 AM – 11:34 AM
यमगण्ड07:00 AM – 08:31 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त02:19 PM – 03:08 PM
दुर्मुहूर्त05:34 PM – 06:23 PM

दिन चौघड़िया

शुभ07:00 AM – 08:31 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:31 AM – 10:03 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:03 AM – 11:34 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:34 AM – 01:06 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:06 PM – 02:37 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:37 PM – 04:09 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:09 PM – 05:40 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:40 PM – 07:12 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत07:12 PM – 08:40 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:40 PM – 10:09 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:09 PM – 11:37 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:37 PM – 01:06 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:06 AM – 02:34 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:34 AM – 04:03 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:03 AM – 05:31 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत05:31 AM – 07:00 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle