VedicSpace › पंचांग › सिंगापुर › 2026-08-06
कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि, भरणी नक्षत्र · गुरुवार · (1.3521°, 103.8198°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कर्क (आषाढ़)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना सिंगापुर (1.3521°, 103.8198°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:05 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष अष्टमी | तक 09:23 PM | जया तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | गुरुवार | — | सर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान। |
| नक्षत्र | भरणी · पाद 2 | तक 10:43 PM | उग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित। |
| योग | गण्ड | तक 05:30 PM | अशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित। |
| करण | बालव | तक 10:21 AM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 07:05 AM |
| सूर्यास्त | 07:16 PM |
| चन्द्रोदय | 12:26 AM |
| चन्द्रास्त | 12:48 PM |
| चन्द्र राशि | मेष |
| सूर्य राशि | कर्क |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · ग्रीष्म |
| अभिजित मुहूर्त | 12:46 PM – 01:34 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 05:29 AM – 06:17 AM |
| अमृत काल | 07:14 PM – 08:45 PM |
| राहु काल | 02:41 PM – 04:13 PM |
| गुलिक काल | 10:07 AM – 11:39 AM |
| यमगण्ड | 07:05 AM – 08:36 AM |
| वर्ज्यम् | 10:05 AM – 11:37 AM |
| दुर्मुहूर्त | 02:23 PM – 03:12 PM |
| दुर्मुहूर्त | 05:38 PM – 06:27 PM |
| शुभ | 07:05 AM – 08:36 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 08:36 AM – 10:07 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 10:07 AM – 11:39 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 11:39 AM – 01:10 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 01:10 PM – 02:41 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 02:41 PM – 04:13 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 04:13 PM – 05:44 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 05:44 PM – 07:16 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| अमृत | 07:16 PM – 08:44 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 08:44 PM – 10:13 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 10:13 PM – 11:41 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 11:41 PM – 01:10 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 01:10 AM – 02:39 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 02:39 AM – 04:07 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 04:07 AM – 05:36 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 05:36 AM – 07:05 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
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