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VedicSpaceपंचांगसिंगापुर › 2026-08-07

सिंगापुर पंचांग — 7 अगस्त 2026

कृष्ण पक्ष नवमी तिथि, कृत्तिका नक्षत्र · शुक्रवार · (1.3521°, 103.8198°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना सिंगापुर (1.3521°, 103.8198°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:05 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष नवमीतक 07:07 PMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रकृत्तिका · पाद 2तक 09:13 PMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगवृद्धितक 02:41 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणतैतिलतक 08:18 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:05 AM
सूर्यास्त07:16 PM
चन्द्रोदय01:20 AM
चन्द्रास्त01:45 PM
चन्द्र राशिवृषभ
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:46 PM – 01:34 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:29 AM – 06:17 AM
अमृत काल08:03 PM – 09:33 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल11:39 AM – 01:10 PM
गुलिक काल08:36 AM – 10:07 AM
यमगण्ड04:13 PM – 05:44 PM
वर्ज्यम्11:05 AM – 12:35 PM
दुर्मुहूर्त11:57 AM – 12:46 PM
दुर्मुहूर्त03:12 PM – 04:01 PM

दिन चौघड़िया

चर07:05 AM – 08:36 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:36 AM – 10:07 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:07 AM – 11:39 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:39 AM – 01:10 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:10 PM – 02:41 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:41 PM – 04:13 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:13 PM – 05:44 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर05:44 PM – 07:16 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग07:16 PM – 08:44 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:44 PM – 10:13 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:13 PM – 11:41 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:41 PM – 01:10 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:10 AM – 02:39 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:39 AM – 04:07 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:07 AM – 05:36 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:36 AM – 07:05 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle