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VedicSpaceपंचांगसिंगापुर › 2026-08-23

सिंगापुर पंचांग — 23 अगस्त 2026

शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि, मूल नक्षत्र · रविवार · (1.3521°, 103.8198°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना सिंगापुर (1.3521°, 103.8198°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:03 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष एकादशीतक 06:49 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रमूल · पाद 2तक 08:14 PMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगविष्कुम्भतक 08:44 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणवणिजतक 05:41 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:03 AM
सूर्यास्त07:12 PM
चन्द्रोदय03:29 PM
चन्द्रास्त02:49 AM
चन्द्र राशिधनु
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:43 PM – 01:31 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:27 AM – 06:15 AM
अमृत काल02:07 PM – 03:55 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल05:40 PM – 07:12 PM
गुलिक काल04:09 PM – 05:40 PM
यमगण्ड01:07 PM – 02:38 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त05:34 PM – 06:23 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग07:03 AM – 08:34 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:34 AM – 10:05 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:05 AM – 11:36 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:36 AM – 01:07 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:07 PM – 02:38 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:38 PM – 04:09 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:09 PM – 05:40 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:40 PM – 07:12 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ07:12 PM – 08:40 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:40 PM – 10:09 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:09 PM – 11:38 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:38 PM – 01:07 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:07 AM – 02:36 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:36 AM – 04:05 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:05 AM – 05:34 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:34 AM – 07:03 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle