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VedicSpaceपंचांगसिंगापुर › 2026-08-24

सिंगापुर पंचांग — 24 अगस्त 2026

शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि, पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र · सोमवार · (1.3521°, 103.8198°)

दिन शुद्धि: आंशिक (2/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना सिंगापुर (1.3521°, 103.8198°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:03 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष एकादशीतक 06:49 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्रपूर्वाषाढ़ा · पाद 2तक 10:58 PMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगप्रीतितक 09:34 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणविष्टि (भद्रा)तक 06:49 AMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:03 AM
सूर्यास्त07:12 PM
चन्द्रोदय04:19 PM
चन्द्रास्त03:40 AM
चन्द्र राशिधनु
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त05:27 AM – 06:15 AM
अमृत काल06:41 PM – 08:28 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल08:34 AM – 10:05 AM
गुलिक काल02:38 PM – 04:09 PM
यमगण्ड11:36 AM – 01:07 PM
वर्ज्यम्08:01 AM – 09:47 AM
अभिजित मुहूर्त12:43 PM – 01:31 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त03:57 PM – 04:46 PM

दिन चौघड़िया

अमृत07:03 AM – 08:34 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:34 AM – 10:05 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:05 AM – 11:36 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:36 AM – 01:07 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:07 PM – 02:38 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:38 PM – 04:09 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:09 PM – 05:40 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत05:40 PM – 07:12 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर07:12 PM – 08:40 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:40 PM – 10:09 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:09 PM – 11:38 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:38 PM – 01:07 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:07 AM – 02:36 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:36 AM – 04:05 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:05 AM – 05:34 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर05:34 AM – 07:03 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle