VedicSpace › पंचांग › सिंगापुर › 2026-10-15
शुक्ल पक्ष पञ्चमी तिथि, अनुराधा नक्षत्र · गुरुवार · (1.3521°, 103.8198°)
दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कन्या (भाद्रपद)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना सिंगापुर (1.3521°, 103.8198°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:48 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | शुक्ल पक्ष पञ्चमी | तक 05:55 AM | पूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | गुरुवार | — | सर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान। |
| नक्षत्र | अनुराधा · पाद 4 | तक 06:33 AM | मृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख। |
| योग | सौभाग्य | तक 11:45 PM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | बव | तक 04:46 PM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 06:48 AM |
| सूर्यास्त | 06:53 PM |
| चन्द्रोदय | 10:20 AM |
| चन्द्रास्त | 10:31 PM |
| चन्द्र राशि | वृश्चिक |
| सूर्य राशि | कन्या |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · वर्षा |
| अभिजित मुहूर्त | 12:26 PM – 01:14 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 05:12 AM – 06:00 AM |
| अमृत काल | — |
| राहु काल | 02:21 PM – 03:51 PM |
| गुलिक काल | 09:49 AM – 11:19 AM |
| यमगण्ड | 06:48 AM – 08:18 AM |
| वर्ज्यम् | — |
| दुर्मुहूर्त | 02:03 PM – 02:51 PM |
| दुर्मुहूर्त | 05:16 PM – 06:04 PM |
| शुभ | 06:48 AM – 08:18 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 08:18 AM – 09:49 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 09:49 AM – 11:19 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 11:19 AM – 12:50 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 12:50 PM – 02:21 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 02:21 PM – 03:51 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 03:51 PM – 05:22 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 05:22 PM – 06:53 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| अमृत | 06:53 PM – 08:22 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 08:22 PM – 09:51 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 09:51 PM – 11:21 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 11:21 PM – 12:50 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 12:50 AM – 02:19 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 02:19 AM – 03:49 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 03:49 AM – 05:18 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 05:18 AM – 06:48 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
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