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VedicSpaceपंचांगसिंगापुर › 2026-11-24

सिंगापुर पंचांग — 24 नवम्बर 2026

शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तिथि, कृत्तिका नक्षत्र · मङ्गलवार · (1.3521°, 103.8198°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृश्चिक (कार्तिक)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना सिंगापुर (1.3521°, 103.8198°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:50 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष पूर्णिमातक 10:53 PMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रकृत्तिका · पाद 1तक 01:55 AMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगपरिघतक 06:35 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणविष्टि (भद्रा)तक 12:35 PMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:50 AM
सूर्यास्त06:53 PM
चन्द्रोदय06:38 PM
चन्द्रास्त06:03 AM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशिवृश्चिक
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:27 PM – 01:15 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:14 AM – 06:02 AM
अमृत काल12:37 AM – 02:02 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल03:52 PM – 05:22 PM
गुलिक काल12:51 PM – 02:21 PM
यमगण्ड09:50 AM – 11:21 AM
वर्ज्यम्04:04 PM – 05:29 PM
दुर्मुहूर्त11:39 AM – 12:27 PM
दुर्मुहूर्त02:52 PM – 03:40 PM

दिन चौघड़िया

रोग06:50 AM – 08:20 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:20 AM – 09:50 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:50 AM – 11:21 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:21 AM – 12:51 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:51 PM – 02:21 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:21 PM – 03:52 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:52 PM – 05:22 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:22 PM – 06:53 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल06:53 PM – 08:22 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:22 PM – 09:52 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:52 PM – 11:21 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:21 PM – 12:51 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:51 AM – 02:21 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:21 AM – 03:50 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:50 AM – 05:20 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल05:20 AM – 06:50 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle