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VedicSpaceपंचांगसिंगापुर › 2026-11-25

सिंगापुर पंचांग — 25 नवम्बर 2026

कृष्ण पक्ष प्रतिपदा तिथि, रोहिणी नक्षत्र · बुधवार · (1.3521°, 103.8198°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृश्चिक (कार्तिक)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना सिंगापुर (1.3521°, 103.8198°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:50 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष प्रतिपदातक 07:20 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्ररोहिणी · पाद 1तक 11:06 PMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगशिवतक 02:29 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबालवतक 09:08 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:50 AM
सूर्यास्त06:53 PM
चन्द्रोदय07:43 PM
चन्द्रास्त07:06 AM
चन्द्र राशिवृषभ
सूर्य राशिवृश्चिक
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त05:14 AM – 06:02 AM
अमृत काल09:07 PM – 10:31 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल12:51 PM – 02:21 PM
गुलिक काल11:21 AM – 12:51 PM
यमगण्ड08:20 AM – 09:50 AM
वर्ज्यम्04:52 PM – 06:17 PM
अभिजित मुहूर्त12:27 PM – 01:15 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त10:02 AM – 10:51 AM

दिन चौघड़िया

लाभ06:50 AM – 08:20 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:20 AM – 09:50 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:50 AM – 11:21 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:21 AM – 12:51 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:51 PM – 02:21 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:21 PM – 03:52 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:52 PM – 05:22 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:22 PM – 06:53 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग06:53 PM – 08:22 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:22 PM – 09:52 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:52 PM – 11:21 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:21 PM – 12:51 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:51 AM – 02:21 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:21 AM – 03:50 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:50 AM – 05:20 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:20 AM – 06:50 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle