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VedicSpaceपंचांगसिंगापुर › 2027-05-30

सिंगापुर पंचांग — 30 मई 2027

कृष्ण पक्ष नवमी तिथि, पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र · रविवार · (1.3521°, 103.8198°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949वृषभ (वैशाख)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना सिंगापुर (1.3521°, 103.8198°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:56 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष नवमीतक 12:05 PMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रपूर्वाभाद्रपद · पाद 3तक 02:02 PMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगविष्कुम्भतक 06:13 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणगरतक 12:05 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:56 AM
सूर्यास्त07:08 PM
चन्द्रोदय02:04 AM
चन्द्रास्त02:17 PM
चन्द्र राशिकुम्भ
सूर्य राशिवृषभ
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:37 PM – 01:26 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:20 AM – 06:08 AM
अमृत काल06:26 AM – 08:09 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल05:36 PM – 07:08 PM
गुलिक काल04:05 PM – 05:36 PM
यमगण्ड01:02 PM – 02:33 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त05:30 PM – 06:19 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग06:56 AM – 08:27 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:27 AM – 09:59 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:59 AM – 11:30 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:30 AM – 01:02 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:02 PM – 02:33 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:33 PM – 04:05 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:05 PM – 05:36 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:36 PM – 07:08 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ07:08 PM – 08:36 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:36 PM – 10:05 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:05 PM – 11:33 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:33 PM – 01:02 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:02 AM – 02:30 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:30 AM – 03:59 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:59 AM – 05:27 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:27 AM – 06:56 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle