VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगसिडनी › 2026-10-25

सिडनी पंचांग — 25 अक्टूबर 2026

शुक्ल पक्ष चतुर्दशी तिथि, रेवती नक्षत्र · रविवार · न्यू साउथ वेल्स (-33.8688°, 151.2093°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना सिडनी (-33.8688°, 151.2093°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:02 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष चतुर्दशीतक 05:26 PMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्ररेवती · पाद 1तक 12:52 AMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगहर्षणतक 10:52 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणगरतक 06:21 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:02 AM
सूर्यास्त07:17 PM
चन्द्रोदय06:27 PM
चन्द्रास्त04:56 AM
चन्द्र राशिमीन
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:13 PM – 01:06 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:26 AM – 05:14 AM
अमृत काल10:37 PM – 12:08 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल05:37 PM – 07:17 PM
गुलिक काल03:58 PM – 05:37 PM
यमगण्ड12:39 PM – 02:18 PM
वर्ज्यम्01:30 PM – 03:01 PM
दुर्मुहूर्त05:31 PM – 06:24 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग06:02 AM – 07:41 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:41 AM – 09:20 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:20 AM – 11:00 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:00 AM – 12:39 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:39 PM – 02:18 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:18 PM – 03:58 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:58 PM – 05:37 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:37 PM – 07:17 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ07:17 PM – 08:37 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:37 PM – 09:58 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:58 PM – 11:18 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:18 PM – 12:39 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:39 AM – 02:00 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:00 AM – 03:20 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:20 AM – 04:41 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:41 AM – 06:02 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle