VedicSpace › पंचांग › विशाखापत्तनम › 2026-10-20
शुक्ल पक्ष नवमी तिथि, श्रवण नक्षत्र · मङ्गलवार · आंध्र प्रदेश (17.6868°, 83.2185°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना विशाखापत्तनम (17.6868°, 83.2185°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:52 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | शुक्ल पक्ष नवमी | तक 12:50 PM | रिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु। |
| वार | मङ्गलवार | — | पराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित। |
| नक्षत्र | श्रवण · पाद 3 | तक 06:02 PM | चर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म। |
| योग | शूल | तक 12:50 AM | अशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित। |
| करण | कौलव | तक 12:50 PM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 05:52 AM |
| सूर्यास्त | 05:32 PM |
| चन्द्रोदय | 01:41 PM |
| चन्द्रास्त | 12:20 AM |
| चन्द्र राशि | मकर |
| सूर्य राशि | तुला |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · शरद् |
| अभिजित मुहूर्त | 11:18 AM – 12:05 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:16 AM – 05:04 AM |
| अमृत काल | 06:32 AM – 08:16 AM |
| राहु काल | 02:37 PM – 04:04 PM |
| गुलिक काल | 11:42 AM – 01:09 PM |
| यमगण्ड | 08:47 AM – 10:14 AM |
| वर्ज्यम् | — |
| दुर्मुहूर्त | 10:32 AM – 11:18 AM |
| दुर्मुहूर्त | 01:38 PM – 02:25 PM |
| रोग | 05:52 AM – 07:19 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 07:19 AM – 08:47 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 08:47 AM – 10:14 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 10:14 AM – 11:42 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 11:42 AM – 01:09 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 01:09 PM – 02:37 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 02:37 PM – 04:04 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 04:04 PM – 05:32 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| काल | 05:32 PM – 07:04 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 07:04 PM – 08:37 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 08:37 PM – 10:09 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 10:09 PM – 11:42 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 11:42 PM – 01:14 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 01:14 AM – 02:47 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 02:47 AM – 04:19 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 04:19 AM – 05:52 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
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