VedicSpace › पंचांग › विशाखापत्तनम › 2026-10-23
शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि, पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र · शुक्रवार · आंध्र प्रदेश (17.6868°, 83.2185°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना विशाखापत्तनम (17.6868°, 83.2185°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:52 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | शुक्ल पक्ष द्वादशी | तक 02:36 PM | भद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक। |
| वार | शुक्रवार | — | कला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख। |
| नक्षत्र | पूर्वाभाद्रपद · पाद 2 | तक 09:03 PM | उग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित। |
| योग | ध्रुव | तक 10:08 PM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | बालव | तक 02:36 PM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 05:52 AM |
| सूर्यास्त | 05:30 PM |
| चन्द्रोदय | 03:30 PM |
| चन्द्रास्त | 02:55 AM |
| चन्द्र राशि | कुम्भ |
| सूर्य राशि | तुला |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · शरद् |
| अभिजित मुहूर्त | 11:17 AM – 12:04 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:16 AM – 05:04 AM |
| अमृत काल | 12:53 PM – 02:29 PM |
| राहु काल | 10:13 AM – 11:41 AM |
| गुलिक काल | 07:19 AM – 08:46 AM |
| यमगण्ड | 02:35 PM – 04:02 PM |
| वर्ज्यम् | — |
| दुर्मुहूर्त | 10:31 AM – 11:17 AM |
| दुर्मुहूर्त | 01:37 PM – 02:23 PM |
| चर | 05:52 AM – 07:19 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 07:19 AM – 08:46 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 08:46 AM – 10:13 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 10:13 AM – 11:41 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 11:41 AM – 01:08 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 01:08 PM – 02:35 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 02:35 PM – 04:02 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 04:02 PM – 05:30 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| रोग | 05:30 PM – 07:02 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 07:02 PM – 08:35 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 08:35 PM – 10:08 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 10:08 PM – 11:41 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 11:41 PM – 01:13 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 01:13 AM – 02:46 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 02:46 AM – 04:19 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 04:19 AM – 05:52 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
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