VedicSpace › पंचांग › विशाखापत्तनम › 2026-10-24
शुक्ल पक्ष त्रयोदशी तिथि, उत्तराभाद्रपद नक्षत्र · शनिवार · आंध्र प्रदेश (17.6868°, 83.2185°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना विशाखापत्तनम (17.6868°, 83.2185°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:53 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | शुक्ल पक्ष त्रयोदशी | तक 01:37 PM | जया तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | शनिवार | — | श्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित। |
| नक्षत्र | उत्तराभाद्रपद · पाद 2 | तक 08:32 PM | स्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म। |
| योग | व्याघात | तक 08:01 PM | अशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित। |
| करण | तैतिल | तक 01:37 PM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 05:53 AM |
| सूर्यास्त | 05:30 PM |
| चन्द्रोदय | 04:07 PM |
| चन्द्रास्त | 03:48 AM |
| चन्द्र राशि | मीन |
| सूर्य राशि | तुला |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · शरद् |
| अभिजित मुहूर्त | 11:18 AM – 12:04 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:17 AM – 05:05 AM |
| अमृत काल | 03:45 PM – 05:18 PM |
| राहु काल | 08:47 AM – 10:14 AM |
| गुलिक काल | 05:53 AM – 07:20 AM |
| यमगण्ड | 01:08 PM – 02:35 PM |
| वर्ज्यम् | 06:24 AM – 07:58 AM |
| दुर्मुहूर्त | 08:58 AM – 09:45 AM |
| दुर्मुहूर्त | 01:37 PM – 02:24 PM |
| काल | 05:53 AM – 07:20 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 07:20 AM – 08:47 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 08:47 AM – 10:14 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 10:14 AM – 11:41 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 11:41 AM – 01:08 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 01:08 PM – 02:35 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 02:35 PM – 04:02 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 04:02 PM – 05:30 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| लाभ | 05:30 PM – 07:02 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 07:02 PM – 08:35 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 08:35 PM – 10:08 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 10:08 PM – 11:41 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 11:41 PM – 01:14 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 01:14 AM – 02:47 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 02:47 AM – 04:20 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 04:20 AM – 05:53 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
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