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VedicSpaceपंचांगविशाखापत्तनम › 2026-10-22

विशाखापत्तनम पंचांग — 22 अक्टूबर 2026

शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि, शतभिषा नक्षत्र · गुरुवार · आंध्र प्रदेश (17.6868°, 83.2185°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना विशाखापत्तनम (17.6868°, 83.2185°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:52 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष एकादशीतक 02:48 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रशतभिषा · पाद 2तक 08:49 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगवृद्धितक 11:39 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणविष्टि (भद्रा)तक 02:48 PMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:52 AM
सूर्यास्त05:31 PM
चन्द्रोदय02:54 PM
चन्द्रास्त02:03 AM
चन्द्र राशिकुम्भ
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:18 AM – 12:04 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:16 AM – 05:04 AM
अमृत काल01:13 PM – 02:53 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:08 PM – 02:36 PM
गुलिक काल08:46 AM – 10:14 AM
यमगण्ड05:52 AM – 07:19 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त12:51 PM – 01:38 PM
दुर्मुहूर्त03:57 PM – 04:44 PM

दिन चौघड़िया

शुभ05:52 AM – 07:19 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:19 AM – 08:46 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:46 AM – 10:14 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:14 AM – 11:41 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:41 AM – 01:08 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:08 PM – 02:36 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:36 PM – 04:03 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:03 PM – 05:31 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत05:31 PM – 07:03 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:03 PM – 08:36 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:36 PM – 10:08 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:08 PM – 11:41 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:41 PM – 01:14 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:14 AM – 02:46 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:46 AM – 04:19 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:19 AM – 05:52 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

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स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle